‘एक साल बेमिसाल’ के नारे के साथ उपलब्धियां गिना रही उत्तर प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा रविवार को सोनभद्र जिले की सड़कों की हालत देखकर हैरान रह गए। तेलगुड़वा से कोन के बीच लगभग 10 किमी तक उप मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री अर्चना पांडेय को हिचकोले खाते सफर करना पड़ा।
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उन्होंने सांसद छोटेलाल खरवार और विधायक भूपेश चौबे से जानकारी लेने के बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से बातचीत की। फोन से मुख्यमंत्री से बात करके सड़क मरम्मत के लिए तत्काल दो करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की।
गड्ढामुक्त सड़क का दावा करते आ रहे उप मुख्यमंत्री को मंच से सोनभद्र में गड्ढायुक्त सड़क होने की बात स्वीकार करनी पड़ी। मंच से ही डीएम से कहा कि वह पत्रावली पूरी करें। शासन की ओर से हर हाल में 31 मार्च तक दो करोड़ रुपये भेज दिया जाएगा। दस से 15 दिन के भीतर तेलगुड़वा से कोन तक की पूरी सड़क दुरुस्त हो जानी चाहिए।
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बताते चलें कि डिप्टी सीएम के आगमन तक सड़क के गड्ढों को मिट्टी-गिट्टी से पाटकर छोटे चारपहिया वाहनों के चलने योग्य बनाया जा रहा था। कोटा बस्ती से कुछ दूर पूर्व एक पुलिया के पास की हालत यह थी कि अगर यहां के गड्ढों में मिट्टी-गिट्टी न डाली गई होती तो काफिला भी शायद ही यहां से आगे बढ़ पाता। इसी तरह कनहर पुल से पहले सड़क पर आठ से दस गड्ढे ऐसे थे, जिसमें पानी भरा था।
चौकसी की स्थिति यह थी कि तेलगुड़वा से कार्यक्रम स्थल के पूर्व तक शायद ही कहीं कोई अधिकारी मौजूद नजर आया। अलबत्ता जेसीबी, रोलर और मेठ मजदूर गड्ढों में गिट्टी-मिट्टी भरवाने में जुटे रहे। अगर एक दिन पहले कोन में डिप्टी सीएम के आगमन को लेकर बना रूट चार्ट न बदला होता तो शायद तेलगुड़वा-कोन मार्ग की हकीकत सामने न आ पाती।
अचानक कोन में हेलीकाफ्टर लैंडिंग की योजना को बदलकर पुलिस लाइन में करने के फरमान से सड़क को दुरुस्त कर सब कुछ चकाचक दिखाने का मौका अफसरों को नहीं मिल पाया।
यह अलग बात है कि डिप्टी सीएम ने सड़क के लिए दो करोड़ की घोषणा कर इसे जाहिर नहीं होने दिया लेकिन लंबे समय से गड्ढायुक्त सड़क का दंश झेल रहे कोन क्षेत्र के बाशिंदों में इसको लेकर देर तक चर्चा जरूर होती रही।
अव्यवस्था से डिप्टी सीएम हुए असहज
उप मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में खाली रह गईं कुर्सियां
- फोटो : अमर उजाला
प्रशासन और आयोजकों में तालमेल के अभाव के चलते कार्यक्रम शुरू होने से लेकर अंत तक अव्यवस्था हावी रही। डिप्टी सीएम भी अव्यवस्थाओं से असहज दिखे। आगमन तक कुर्सियां नहीं भरी तो अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। बाहर से पुलिस और अधिकारियों-कर्मचारियों की टीम लोगों को बुला-बुलाकर बैठाती रही। फिर भी पीछे की ओर की कुछ कुर्सियां खाली रह गईं।
मंच पर आने-जाने, फोटोग्राफी को लेकर पहले से कोई होमवर्क न होने से कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति रही। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस-प्रशासनिक अफसरों को मंच से उतरना पड़ा। कुछ यहीं स्थिति राबर्ट्सगंज में पीडब्ल्यूडी गेस्ट की भी रही। डिप्टी सीएम से मिलने जाने के लिए पार्टी के पदाधिकारियों तक को पसीना बहाना पड़ा।
कांग्रेस पर तंज, पंजा नहीं मुट्ठी बांध लगाएं जयकारा
सोनभद्र। भारत माता की जयकारे के दौरान लोगों के सीधे हाथ उठाने से मना करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि पंजा कांग्रेस का निशान है, इसे मत दिखाएं। इस पंजे ने दोनों हाथों से खूब लूटा-खसोटा है। अब तो कांग्रेस साइकल पर सवार होने के बाद हाथी की पूछ पकड़कर भी लटक गई है। मुट्ठी बांधने को बजंरग बली का घुसा बताया।
केवट, निषाद, दलितों के लिए चलेगी विशेष योजना
डिप्टी सीएम ने केवट, निषाद, आदिवासी, दलितों को मर्यादा पुरुषोत्तम राम से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह भगवान राम ने सबको साथ लेकर आसुरी शक्तियों (लंका) पर चढ़ाई की थी। उसी तरह केवट, निषाद, आदिवासियों, दलितों के लिए प्रदेश सरकार विशेष योजना बना रही है। इसकी घोषणा खुद सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे। इसलिए वह इसे अभी गोपनीय रख रहे हैं।
डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि शिक्षा की बेहतरी के लिए सरकार प्रयासरत है। एक अप्रैल से सोनभद्र में चार दीनदयाल मॉडल विद्यालयों सहित पूरे सूबे में 166 माडल विद्यालयों का संचालन शुरू हो जाएगा। यहां विद्यार्थियों को वाईफाई, स्मार्ट क्लासेज, वर्चुअल क्लासेज, इंटरनेट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कहा कि इन विद्यालयों के साथ ही अन्य विद्यालयों में रिक्त पड़े पदों पर तेजी से भर्तियां जारी हैं। फिलहाल लोकसेवा आयोग से करीब दस हजार पदों का विज्ञापन निकलवाया गया है। शेष खाली पदों को भी शीघ्र विज्ञापित कराया जाएगा।
कहा कि शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थित अनिवार्य बनाने के लिए सीसी टीवी, बायोमेट्रिक व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा रहा है। पठन-पाठन की गुणवत्ता सुधारने के लिए जुलाई की बजाय एक अप्रैल से ही सत्र लागू कर एनसीईआरटी स्वरूप के पाठ्यक्रम वाली कक्षाएं संचालित कराई जाएंगी।
विश्वविद्यालय, डिग्री कालेजों में समय से कक्षा, समय से परीक्षा, समय से परिणाम के लिए शैक्षणिक कलेंडर लागू किया जाएगा। नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इंटर से ही वैकल्पिक के रूप में वोकेशनल कोर्स (मोबाइल, मैकेनिक, स्किल्स डेवलपमेंट जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम) की व्यवस्था बनाई जा रही है। डिग्री कालेज में भी इसे लागू किया जाएगा।
डिप्टी सीएम ने दावा किया कि प्रदेश और केंद्र सरकार दोनों मिलकर 2022 तक किसानों की आय दोगुनी कर देंगे। इसके लिए पिछले वर्ष ही उपज समर्थन मूल्य बढ़ाकर शुरुआत कर दी गई है। पिछले वर्ष प्रदेश में पांच सौ क्रय केंद्र खुले थे। इस बार 55 सौ क्रय केंद्र खोले जाएंगे। समर्थन मूल्य के साथ खरीद भी बढ़ाई जाएगी। कहा कि किसानों को लागत का डेढ़ गुना मूल्य मिले, इसके लिए योजना बनाई जा रही है। 2022 तक हर हाल में किसानों की आय दोगुनी कर दी जाएगी।