डेंगू के मरीज बढ़ने से आईएमए और बीएचयू ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स की मांग बढ़ गई है। आईएमए सचिव डॉ. आरएन सिंह के अनुसार पिछले महीने 20 से 25 यूनिट प्लेटलेट्स की मांग थी जबकि इस समय हर दिन 80 से 100 यूनिट तक दिया जा रहा है। इसके अलावा सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) भी 7 से 8 की जगह बढ़कर 20 से 25 तक पहुंच गया है। उधर, बीएचयू ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि पहले 20 से 30 की तुलना में इस समय प्लेटलेट्स लेने वालों की संख्या 70 से 100 तक हो गई है।
डेंजर जोन वाले इलाकों पर विशेष नजर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर के कुछ इलाकों को डेंजर जोन में रखा गया है। लंका, भिखारीपुर, सामनेघाट, कमच्छा, भगवानपुर, बालाजीनगर कॉलोनी, मारुति नगर कॉलोनी, बजरडीहा, जोलहा, जक्खा, बिरदोपुर, लल्लापुरा, छित्तूपुर के साथ ही वरुणा पार में भी नदी से सटे इलाके शामिल हैं। इन इलाकों में अधिक मरीज मिल रहे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय ने बताया कि विशेष अभियान चलाकर जल निकासी के साथ ही साफ-सफाई कराई जा रही है।
वाराणसी में डेंगू पर नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया गया। इसमें नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के एक-एक अधिकारियों को शामिल किया गया है। वहीं, नगर आयुक्त प्रणय सिंह के निर्देश पर लार्वा पनपने वाले स्थानों पर एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। इसके लिए 84 टीमें लगाई गई हैं। इसके अलावा 31 फॉगिंग की टीमें और 7 छोटी मशीनें लगाई गई हैं। इसके अलावा बड़ी पांच मशीनों से दवाओं का छिड़काव कराया।
अतिसंवेदनशील क्षेत्र घोषित
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि जिला मलेरिया अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर नगवां, भगवानपुर, चितईपुर, छित्तुपुर, कंदवा, बरेका, मंडुवाडीह, सामनेघाट, बालाजी नगर, मारुति नगर, गंगोत्री नगर, शिवपुर एवं आंशिक रूप से सारनाथ के कुछ क्षेत्रों को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है। डीएम ने निर्देश दिया है कि सभी अधिकारी फील्ड में जाकर परीक्षण करेंगे। खाली प्लॉटों में जहां जलजमाव है, वहां मजिस्ट्रेट की मदद से वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र के सफाई निरीक्षकों की जवाबदेही तय की गई है। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।