डेंगू संक्रमण का खतरा कम होने के बाद अब गले में खराश, सीने में कफ की समस्या बढ़ गई है। लगभग हर घर में एक दो लोग इससे ग्रसित हैं। सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर ऐसे मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। कुछ लोगों को भर्ती करना पड़ रहा है। कुछ को दवा देकर आराम की सलाह दी जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में बदलाव की वजह से ऐसा हो रहा है। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है।
दिन में तेज धूप से गर्मी लग रही है। शाम होते ही ठंड का अहसास हो रहा है। दिन और रात के तापमान में अंतर दिखने लगा है। ऐसे में मौसमी बीमारी की समस्या बढ़ गई है। शनिवार को दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल की ओपीडी में भी सर्दी, खासी, जुकाम वाले मरीजों की लाइन लगी रही। राजकीय आयुर्वेद कॉलेज चौकाघाट में भी मरीज दिखे।
दीनदयाल अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड में 17 बच्चे भर्ती
दीनदयाल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल सिंह ने बताया कि बदलते मौसम का असर बच्चों पर अधिक है। इस समय पीडियाट्रिक वार्ड में 17 बच्चे भर्ती हैं। वायरल फीवर की वजह से बच्चों में प्लेटलेटस कम होने की समस्या देखने को मिल रही है। सीएमएस डॉ. दिग्विजय सिंह ने बताया कि 1500 मरीज शनिवार को आए जिसमें 300 से 400 लोग मौसमी बीमारियों वाले रहे।