किसी दिन हो सकता है बड़ा हादसा
सेतु निगम और उसके ठेकेदार, मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण के आदेशों को भी नहीं मानते। मंडुवाडीह में रेलवे ओवर ब्रिज और चौकाघाट में फ्लाईओवर का निर्माण मनमाने तरीके से कराया जा रहा है। सेतु निगम और ठेकेदारों को किसी की जान की परवाह नहीं, बस जैसे-तैसे काम कराया जा रहा है। कार्यस्थल पर न तो ठीक से बैरिकेडिंग कराई गई है और न कर्मचारियों को जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। सुरक्षा मानकों के प्रति ऐसी ही लापरवाही मंडुवाडीह आरओबी निर्माण में भी बरती जा रही है।
चौकाघाट से लहरतारा कैंसर अस्पताल तक वाईशेप में बनने वाले फ्लाईओवर का निर्माण कार्य दोनों छोर से कराया जा रहा है। चौकाघाट और लहरतारा के पास निर्माण के लिए सड़क पर गड्ढे खोदे गए हैं लेकिन बैरिकेडिंग तक नहीं कराई गई है। जगह-जगह लोहे के बैरिकेड रखे गए हैं लेकिन उन्हें भी न तो एक सीध में रखा गया है और न ही आपस में जोड़ा गया है। वाहनों के आते-जाते जरा सा झटका लग जाए तो बैरिकेड लुढ़क जाएंगे और वाहन सीधे कार्यस्थल की तरफ जा पहुंचेंगे। यह हाल तब है जब इस मार्ग पर वाहनों का अत्यधिक दबाव है। सुरक्षा मानकों की ऐसी ही अनदेखी मंडुवाडीह-महमूरगंज आरओबी में भी की जा रही है। यहां सेतु निगम ने लगभग पिलर और स्लैब ढालने का काम पूरा कर लिया है।
पुल पर अब रेलिंग बनाई जा रही है लेकिन जाली तक नहीं लगाई गई है। ऊपर काम चल रहा है और नीचे से लोग आ-जा रहे हैं। मंडलायुक्त ने सेतु निगम और ठेकेदारों को सख्त निर्देश था कि चौकाघाट-मंडुवाडीह में निर्माण निर्धारित सुरक्षा मानक के साथ कराए जाएं। कमिश्नर के सामने सेतु निगम ने उनके निर्देश पर सहमति तो जता दी पर पालन आज तक नहीं किया।