गुरुवार को भी छात्रों ने कुलपति से इस मुद्दे पर बातचीत की और मरीजों के हित में जांच की बढ़ी फीस के आदेश को तुरंत वापस कराने के लिए ज्ञापन दिया था।
छात्रों के विरोध को देखते हुए बीएचयू अस्पताल प्रशासन बैकफुट पर आ गया और 26 फरवरी के फीस बढ़ाए जाने के आदेश पर रोक लगा दी। शोध छात्र मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि अस्पताल प्रशासन जिस तरह फीस बढ़ोतरी करने का तुगलकी आदेश जारी कर रहा है,उससे मरीजों का नुकसान हो रहा है।