देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी में शुक्रवार को परमपावन दलाई लामा आएंगे। जेड प्लस कैटेगरी सुरक्षा प्राप्त धर्मगुरु दलाई लामा आगमन के मद्देनजर शासन स्तर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाई एलर्ट जारी किया गया है।
सारनाथ स्थित केंद्रीय तिब्बती शिक्षा संस्थान के अंतरराष्ट्रीय सेमिनार और स्वर्ण जयंती समारोह में अध्यात्म, दर्शन और विज्ञान का संगम होगा। 30 दिसंबर से एक जनवरी तक चलने वाले कार्यक्रम में 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के हिस्सा लेने की संभावना है।
तिब्बती धर्मगुरु परमपावन दलाई लामा के पांच दिवसीय प्रवास के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। संस्थान के कुलपति प्रो. नवांग समतेन ने सेमिनार के लिए बनाए जा रहे 50 फुट ऊंचे पंडाल का निरीक्षण किया।
संस्थान के कुलसचिव आरके उपाध्याय ने बताया कि परमपावन 29 दिसंबर की शाम तक यहां पहुंच जाएंगे। 30 और 31 दिसंबर को संस्थान में होने वाले अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में हिस्सा लेंगे। दलाई लामा एक जनवरी को यूनिवर्सिटी के 50 साल पूरे होने पर स्वर्ण जयंती समारोह का शुभारंभ करेंगे।
कुलपति नवांग समतेन के आवास में ही उनके रहने की व्यवस्था की गई है। इस दौरान अमेरिका, इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया, कंबोडिया, श्रीलंका, म्यांमार, भूटान, तिब्बत समेत विभिन्न देशों से बौद्ध दार्शनिक, वैज्ञानिक और अनुयायी सारनाथ पहुंचेंगे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा, संस्कृति मंत्रालय के सचिव राघवेंद्र सिंह, यूजीसी की संयुक्त सचिव अर्चना ठाकुर के भी आने की संभावना है।