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Varanasi News: धोखाधड़ी के दो मामले, शातिर तरीके से जालसाजों ने लगाई 17 लाख की चपत; FIR

Sun, 21 Apr 2024 09:35 PM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

Varanasi News: वाराणसी में जालसाजी के दो मामले सामने आए हैं। पहले मामले में एशियन पेंट्स की डिलरशीप दिलाने के नाम पर 11 लाख 14 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई है। वहीं, दूसरा मामला 6 लाख 76 हजार का है। साइबर अपराधियों ने पीड़ित से रुपये जमा करवा कर मात्र छह हजार रुपये दिए। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई कर रही है।
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पुलिस ने दर्ज किया मामला। - फोटो : istock
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विस्तार
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एशियन पेंट्स की डीलरशिप दिलाने के नाम पर सिद्धगिरी बाग, छित्तूपुर निवासी सिद्धार्थ सिंह से 11 लाख 14 हजार 539 रुपये की धोखाधड़ी की गई। प्रकरण को लेकर सिद्धार्थ सिंह की तहरीर के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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सिद्धार्थ सिंह ने पुलिस को बताया कि उन्होंने एशियन पेंट्स लिमिटेड की डीलरशिप का ऑनलाइन विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में डायरेक्टर के रूप में अमित सिंगले का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज था। अमित सिंगले को कॉल करने पर उसने बताया कि डीलरशिप लेने के लिए 11,14,539 रुपये कंपनी की मुंबई शाखा के बैंक खाते में जमा करना होगा।

सिद्धार्थ ने बताया कि बातचीत के आधार पर उन्होंने अपनी फर्म रघुकुल कंसट्रक्सन और अपने निजी खाते से पैसा ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद अमित सिंगले ने उन्हें एक कंफर्मेशन लेटर भेजा। कुछ दिनों तक बातचीत हुई और फिर अमित सिंगले का मोबाइल नंबर बंद बताने लगा। 
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किसी तरह से भी संपर्क न हो पाने पर सिद्धार्थ मुंबई गए तो सामने आया कि एशियन पेंट्स की ओर से डीलरशिप के लिए कोई विज्ञापन ही नहीं दिया गया है। साथ ही यह भी जानकारी हुई कि एशियन पेंट्स में अमित सिंगले नाम का कोई डायरेक्टर भी नहीं है। तब जाकर सिद्धार्थ को पता लगा कि वह धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं।

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6.76 लाख का निवेश करा कर दिए छह हजार रुपये

मोहिनीकुंज, महमूरगंज निवासी 63 वर्षीय संतोष कुमार मिश्र से छह लाख 76 हजार रुपये का निवेश करा कर जालसाजों ने महज छह हजार रुपये का भुगतान किया। संतोष कुमार मिश्र की शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

संतोष ने पुलिस को बताया कि उन्होंने व्हाट्स एप लिंक के माध्यम से एसएस इक्वीट्रेड में फरवरी से ट्रेडिंग शुरू की थी। इस दौरान वह ब्रोकर जेसन, असिस्टेंट मीरा और प्रोफेसर मार्क विल्सन के संपर्क में रहे। ट्रेडिंग के लिए फोन मीरा करती थी और उसके सुझाव के अनुसार वह छह लाख 76 हजार रुपये का निवेश किए।

ट्रेडिंग पूरी होने के बाद उन्होंने भुगतान के लिए अनुरोध किया तो उन्हें सिर्फ छह हजार रुपये मिले। वह जितने भी मोबाइल नंबर से संपर्क में थे, अब वे सभी स्विच ऑफ हैं।
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