वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में रियायत की केंद्र सरकार की घोषणा का लाभ दीपावली तक आम उपभोक्ताओं को मिलने लगेगा। खान-पान से लेकर बच्चों के पठन-पाठन की सामग्री पर लगने वाला टैक्स घटा दिया गया है।
त्योहारों के सीजन में जीएसटी में छूट से महिलाओं के लिए सजना संवरना सस्ता होने वाला है। यही नहीं, दीपावली पर कपड़ा खरीदने वालों को भी कम भुगतान करना होगा। रोटी, खाखरा, अनब्रांडेड नमकीन और सूखे आम को 12 फीसदी टैक्स स्लैब से निकालकर अब पांच फीसदी टैक्स में रखा गया है।
फिलहाल बाजार में जीएसटी लागू होने के बाद निर्मित और पैक्ड सामग्री और वस्तुएं बाजार में उपलब्ध हैं। जैसे ही नई पैकिंग बाजार में आएगी, कारोबार में बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। नई दरों से कुटीर उद्योग से जुड़े लोगों को भी फायदा होने की उम्मीद है, क्योंकि उनके द्वारा उत्पादित माल की खपत बढ़ जाएगी।
इनमें मिलेगी राहत
- चाइल्ड पैकेज्ड फूड और स्टेशनरी के सामान पर अब तक 12 फीसदी टैक्स लिया जा रहा था। इसे घटाकर अब पांच फीसदी कर दिया गया है।
- मानव निर्मित धागे पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया है। सिंथेटिक फिलामेंट यार्न पर भी टैक्स में कमी की गई है।
- जरी के काम और आर्टिफिशियल ज्वेलरी पर जीएसटी 12 से पांच फीसदी कर दी गई है। इससे आर्टिफिशियल गहनों के दाम में गिरावट आएगी।
- डीजल इंजन पुर्जों पर जीएसटी 28 से 18 फीसदी कर दी गई है। पंप पुर्जे के पुर्जे भी सस्ते होंगे। जिसका सीधा असर किसानों को मिलेगा।
- जीएसटी लागू होने के बाद महंगी हुई आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाएं सस्ती हो जाएंगी। इन पर अब केवल पांच फीसदी टैक्स लगेगा।