बांग्लादेश में इस्कॉन के संतों के साथ हुई हिंसा पर काशी के संत समाज में आक्रोश है। अखिल भारतीय संत सभा के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि बांग्लादेश के अंदर इस्कॉन के संतों के साथ जिस तरह से बर्बरता की गई, यह पूरी दुनिया में मानवता की दृष्टि से क्षमा योग्य नहीं कहा जा सकता है।
स्वामी जितेंद्रानंद ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ऐसे मामलों का संज्ञान क्यों नहीं लेते हैं। ऐसे गंभीर मसलों पर वे हाथ में चूड़ियां पहन कर क्यों बैठ जाते हैं? मानवता से जुड़े इस गंभीर मसले पर उन्हें तत्काल दखल देना चाहिए। इस्लामिक आतंकवादियों के बर्बर कृत्य को लेकर बांग्लादेश की सरकार से भारत सरकार तत्काल कड़ी आपत्ति दर्ज कराए। उनकी तथाकथित खूनी क्रांति को हर मंच पर बेनकाब कर आमजन को उनकी असलियत के बारे में बताना और समझाना चाहिए। अफगानिस्तान में शिया समुदाय की मस्जिद पर हमला कर रहे हैं। यह सभी मानवता और सभ्य समाज के लिए एक बड़ा खतरा हैं। बांग्लादेश की सरकार को ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती के साथ कार्रवाई कर दुनिया को एक सार्थक संदेश देना चाहिए।