बता दें कि पुरातन नगरी काशी में पौराणिक कुंडों की महिमा अपार है। किसी कुंड के औषधीय जल से पेट और त्वचा रोग दूर होते हैं तो किसी कुंड के जल के स्पर्श आचमन से मन के विकार। गंगा तट पर भदैनी में ऐसा ही एक पौराणिक लोलार्क कुंड है, जहां डुबकी लगाकर सूनी गोद भरने के नि:संतान दंपतियों का तांता लगता है।
काशी के केदार खंड में स्थित क्रीं कुंड पर बाबा कीनाराम की षष्ठी पर 12 सितंबर को लगने वाले स्नान मेला कोरोना संक्रमण के कारण स्थगित कर दिया गया है। कोरोना संक्रमण के कारण लगातार दूसरे साल स्नान को स्थगित किया गया है।
अघोर शोध एवं सेवा संस्थान, क्रीं कुंड के पीठाधीश्वर अघोराचार्य बाबा सिद्धार्थ गौतम राम ने समस्त भक्त जनों से अपील की है कि भक्त गण धैर्य धारण करें और अपने घर पर रहकर ही बाबा कीनाराम की षष्ठी मनाएं तथा आश्रम शाखा कार्यालय में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ही मनाएं।