अभियोजन के प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि विवेचना के दौरान बीएचयू प्रशासन द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरों से प्राप्त फुटेज के संबंध में भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65बी का प्रमाणपत्र प्राप्त कर केस डायरी में शामिल किया गया है। प्रमाणपत्र मूल रूप में पत्रावली पर उपलब्ध है, लेकिन उसे उपलब्ध कराने वाले साक्षी का नाम आरोपपत्र में दर्ज नहीं है।
इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से मिले मोबाइल फोन से संबंधित आईपीडीआर, सीडीआर, सीएएफ और जीपीआरएस का प्रमाणित रिकॉर्ड भी विवेचना में प्राप्त किया गया है। अभियोजन ने संबंधित साक्षी को गवाही के लिए तलब करने का अनुरोध किया था, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
प्रकरण के अनुसार, दो नवंबर 2023 की रात बीएचयू परिसर में बाइक सवार तीन आरोपियों ने आईआईटी की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। पीड़िता की तहरीर पर लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना के दौरान कुणाल पांडेय, आनंद चौहान उर्फ अभिषेक और सक्षम पटेल के नाम सामने आने पर उन्हें आरोपी बनाया गया।