50 हजार के सामान को दिखाया 15 लाख का :
नगर निगम के पॉलिथीन विरोधी अभियान के तहत छापेमारी के खिलाफ रविवार को पहड़िया व्यापार मंडल के सदस्यों ने अकथा चौराहे पर बैठक की। अध्यक्षता करते हुए व्यापार मंडल के महामंत्री अरविंद लाल ने कहा कि व्यापारी राकेश गुप्ता ने पॉलिथीन का पुराना स्टाक गोदाम में रखा था। इसकी बिक्री नहीं की जा रही थी। इसके बावजूद नगर निगम के अधिकारियों ने 50 हजार के प्लास्टिक के सामान को 15 लाख का दिखाकर तीन लाख रुपये जुर्माना लगा दिया।
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पहड़िया व्यापार मंडल इस घटना की निंदा करता है। उन्होंने कहा कि रामनगर स्थित पॉलिथीन की फैक्ट्रियों में आज भी सैकड़ों किलो पॉलिथीन का उत्पादन होता है, वहां से अधिकारियों को मोटी रकम प्रतिमाह मिलती है, इसी वजह से वहां छापा नहीं मारा गया। प्रशासन छोटे व्यापारियों का उत्पीड़न कर रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन व्यापारियों के साथ दंडनात्मक नीति समाप्त नहीं की तो व्यापारी आंदोलन को बाध्य होंगे। बैठक में डॉ. अभिषेक मिश्रा, आदेश श्रीवास्तव, सौरव सिंह, अनूप गुप्ता, राम सिंह, कविंद्र जायसवाल, जागेश्वर रस्तोगी और कल्लू गुप्ता आदि शामिल रहे।
रोजाना मिलती है कूड़े में पॉलीथीन :
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, शहर में रोजना 600 मीट्रिक टन कूड़ा उठाया जाता है। निस्तारण से पहले एकत्रित कूड़े को अलग-अलग भागों में बांटा जाता है। इसमें पॉलिथीन की मात्रा 10 से 15 प्रतिशत तक होती है।
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500 किलो हर दिन खपत :
बाजार के सूत्रों के अनुसार, जिले भर में रोजाना पांच सौ किलो से ज्यादा पॉलिथीन की खपत होती है। नगर निगम के अफसर भले ही पॉलिथीन के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाने का दावा करते हों, लेकिन पॉलिथीन का प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है।