हमले में चंद्रमोहन महाराज बाल-बाल बच गए थे। चंद्रमोहन का कहना था कि बदमाशों के हमले में उनकी जान गई है। उस समय राम अवतार के बेटे ने चंद्रमोहन महाराज पर हत्या का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी।
लंबी जद्दोजहद के बाद भोपा थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी प्रमोद पंवार ने उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। चंद्रमोहन महाराज ने पुलिस की चार्जशीट को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि चंद्रमोहन महाराज हत्या के आरोप को सिरे से खारिज करते रहे हैं। दुष्कर्म के मामले में चंद्रमोहन महाराज का नाम आने के बाद शुक्रताल में पत्नी और शिष्य हत्याकांड की याद ताजा हो गई है।
आरोपों को बताया झूठा
दुष्कर्म के मामले में राजपुर पुलिस ने शनिवार को आश्रम पहुंचकर आठ लोगों के बयान दर्ज किए गए। इन लोगों ने चंद्रमोहन महाराज पर लगाए गए आरोपों को झूठा बताया है। उनका कहना था कि चंद्रमोहन महाराज यहां हर बार अपनी पत्नी के साथ आते हैं। महिलाओं का आरोप उनकी समझ से परे हैं।