सेना भर्ती के अभ्यर्थियों को फर्जी अंकपत्र समेत अन्य प्रमाणपत्र मुहैया कराने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को एटीएस और कैंट पुलिस की टीम ने शुक्रवार को कचहरी चौराहे के पास स्थित फोटो स्टेट की एक दुकान से गिरफ्तार कर लिया।
इसमें एक दुकान का मालिक है और दो उसके यहां काम करने वाले कर्मचारी हैं। उनके पास से हाईस्कूल के 70 फर्जी अंकपत्र, कंप्यूटर, सीपीयू आदि बरामद किए गए हैं। एटीएस ने पिछले दिनों सेना भर्ती में जालसाजी करने के आरोप में दिलीप और चंद्र बहादुर खत्री को गिरफ्तार किया था।
दोनों से पूछताछ के आधार पर यह कार्रवाई की गई। लखनऊ से एटीएस की टीम सुबह ही वाराणसी पहुंच गई थी। टीम करीब एक घंटे तक छावनी क्षेत्र के सदर बाजार में आरोपियों की तलाश करती रही।
इसके बाद कचहरी चौकी इंचार्ज सदानंद राय के साथ एटीएस की टीम ने शिवपुर निवासी नागेश्वर मौर्या की दुकान पर छापेमारी कर उसे और उसके दो कर्मचारी कमौली चौबेपुर निवासी अवध मौर्या और लक्ष्मणपुर, साईधाम कालोनी शिवपुर निवासी अजय कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
अजय कुमार पूर्व में गिरफ्तार किए गए चंद्र बहादुर का दलाल है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। पूछताछ में पता चला कि वे मूल अंकपत्र को स्कैन कर उस पर नाम, अनुक्रमांक और फोटो बदलकर फर्जी अंकपत्र तैयार करते थे। एक अंकपत्र बनवाने का वह 1500 रुपये लेता था।