सोमवार सुबह सदानंद घर से गुटका लेने के लिए सड़क पर निकला। वापसी के दौरान मोहनसराय से बालू लाद कर आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने सदानंद को कुचल दिया।
परिजनों के अनुसार, राजगीर का काम करने वाला सदानंद दो भाइयों और दो बहन में सबसे छोटा था। ग्रामीणों के अनुसार, बालू और गिट्टी लाद कर चलने वाले ट्रैक्टर चालक ईयर फोन लगाकर काफी तेज गति से चलते हैं। इसकी वजह से आए दिन हादसे होते हैं। सभी ने मांग की कि पुलिस अभियान चलाकर ट्रैक्टर चालकों के खिलाफ कार्रवाई करे।
हे भगवान, भैया को दवा के लिए काहे बुलाया :
सदानंद की मौत के बाद उसकी बहन नीरजा की हालत बेसुधों जैसी थी। वह बार-बार यही कह रही थी कि हे भगवान, भैया को दवा के लिए काहे बुलाया... जिंदगी भर का दुख मिल गया। गांव की महिलाएं नीरजा को बड़ी ही मुश्किल से संभाले हुए थीं।