आजम ने बताया कि वह सोमवार की सुबह करीब छह बजे घर से किसी काम के लिए बाहर निकला। वह घर से कुछ ही दूर गया था कि अचानक एक कार आकर रुकी। कार में चालक के अलावा दो और लोग भी थे। उन्होंने जबरदस्ती कार में बैठा लिया।
दिनभर चलने के बाद कार सोमवार की देर शाम सुरेमनपुर रेलवे क्रासिंग पर पहुंची। उस समय रेलवे गेट बंद था, जिसके चलते वैन रुक गई। इस बीच कार में सवार एक व्यक्ति के मोबाइल पर फोन आया। अपहरणकर्ता बच्चे का हाथ छोड़कर बात करने में व्यस्त हो गए थे।
इसी बीच वह दरवाजा खोल कूद गया और भाग निकला। भागते-भागते वह श्रीनगर गांव में पहुंच गया। वहां ग्रामीणों ने पूछताछ कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस बच्चे को थाने ले आई।
प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि बच्चे से पूछताछ के बाद पराउगंज जौनपुर पुलिस चौकी को सूचित किया गया। वहां की पुलिस से सूचना पाकर मंगलवार सुबह बच्चे के पिता थाना रेवती पहुंचे। ऑपरेशन मुस्कान के तहत आवश्यक कार्रवाई के बाद आजम को पिता के सुपुर्द कर दिया गया।