बाप अपने बच्चों को उंगली पकड़कर चलना सीखाता है, उन्हें हर अच्छे-बुरे की पहचान कराता है। लेकिन यूपी के आजमगढ़ में एक बाप ने छोटी सी बात पर अपने दो मासूम बच्चों को फावड़े से काट डाला।
बिस्किट लेकर ट्यूबवेल पर पहुंची बड़ी बेटी ने भाइयों की लाश देखकर शोर मचाया तो घर और गांव वालों को जानकारी हुई। वारदात शनिवार की शाम करीब चार बजे की है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर, बच्चों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया।
आरोपी पिता मानसिक रूप से बीमार बताया गया है। सरदारपुर बाबू गांव निवासी कैलाश यादव का इकलौता पुत्र महेंद्र यादव तीन बच्चों का पिता था। उसकी बड़ी बेटी अंशिका (8), बेटा अंश (6) और छोटा आदित्य (दो वर्ष) थे। महेंद्र के मां की मौत हो चुकी है।
महेंद्र के अलावा घर पर उसकी पत्नी आशा, पिता और बच्चे ही थे। करीब दो माह से महेंद्र की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और उसका इलाज चल रहा था। चार दिन पूर्व महेंद्र को किसी काम के लिए रुपये की आवश्यकता थी। वह अपनी पत्नी आशा का मंगलसूत्र बेचना चाह रहा था।
आशा ने मंगलसूत्र देने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। शनिवार की शाम करीब चार बजे पत्नी से झगड़ा कर महेंद्र अपने तीनों बच्चों को साथ लेकर घर से करीब पांच सौ मीटर दूर अपने ट्यूबवेल पर चला गया।
वहां से बेटी अंशिका को पांच रुपये देकर बिस्किट लाने के लिए भेज दिया। जबकि अंश और आदित्य को जमीन पर लिटाकर फावड़े से दोनों की गर्दन धड़ से अलग कर दी। कुछ देर बाद बेटी अंशिका बिस्किट लेकर मौके पर पहुंची तो खून से लथपथ भाइयों की लाश और पिता के हाथ में रक्त से सना फावड़ा देखकर वह डर गई।
उसने घर पहुंचकर मां को जानकारी दी। आशा की चीख पुकार सुनकर गांव के लोगों को जानकारी हुई। मौके पर भारी संख्या में भीड़ जुट गई। जबकि महेंद्र बेटों की हत्या करने के बाद घर पहुंचा और चारपाई पर लेट गया। घटना की जानकारी होने पर पुलिस पहुंची और महेंद्र को हिरासत में लेकर अंश और आदित्य की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया।
एसपी सिटी सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि महेंद्र की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। जिसके चलते उसने अपने दो बेटों की हत्या कर दिया। दोनों बच्चों की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया गया। घटना के संबंध में अभी कोई रिपोर्ट नहीं दर्ज है।