उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शपथ ग्रहण करने के साथ ही प्रदेश में अवैध ढंग से चल रहे बूचड़खानों को बंद करने का आदेश दिया था। सीएम योगी के आदेश को पूरे प्रदेश में प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है।
लेकिन प्रदेश का एक ऐसा शहर है जहां सीएम योगी के आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जी हां यहां बात हो रही है, पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की। बनारस में प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद न तो बूचड़खानों का अवैध संचालन रुका न ही नगर निगम और पुलिस की ओर से शासन की आंखों में धूल झोंकने की कोशिशें बंद हुईं।
दावा किया जा रहा है कि शहर में कहीं एक भी बूचड़खाना नहीं चल रहा है जबकि जानकारों की मानें तो नगर निगम और पुलिस के गठजोड़ की शह पर धंधा अब भी चालू है। अंतर सिर्फ इतना आया है कि अब दिन के बजाए रात में बूचड़खाने संचालित हो रहे हैं।
जबकि, नगर निगम के अलावा संबंधित थानोें को भी इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है कि अवैध बूचड़खाने संचालित न होने पाएं। शहर में बेनियाबाग, अर्दली बाजार का बूचड़खाना नगर निगम की देखरेख में चल रहा था।
वहीं, कमलगड़हा का संचालन निजी तरीके से होता है। शासन की सख्ती पर पिछले दिनों प्रशासन ने छापामारी कर कमलगड़हा स्थित स्लाटर हाउस को सील कर दिया था।