परीक्षा में फेल हो जाने के बाद वह हिस्ट्रीशीटर डॉ शहनवाज के माध्यम से सिमी के संपर्क में आया। सबसे पहले वर्ष 2007 में गोरखपुर धमाके में उसका नाम प्रकाश में आया। इसके अलावा जयपुर ब्लास्ट, अहमदाबाद ब्लास्ट, दिल्ली बम ब्लास्ट में भी इसका नाम उजागर हुआ।
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आरिज उर्फ जुनैद वर्तमान में आतंकी संगठन आईएएम का सक्रिय सदस्य है और काफी दिनों से फरार है। भारतीय खुफिया जांच एजेंसी एनआईए की तरफ से वर्ष 2012 में इसके ऊपर दस लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया।