वाराणसी जिले के चोलापुर के पूर्व थानाध्यक्ष और डॉक्टर पर परिवाद दर्ज करने का आदेश अदालत ने दिया है। मिर्जापुर के जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रार्थना पत्र सीजेएम की अदालत ने ये आदेश दिया।
वाराणसी जिले के मिर्जापुर के जिला पंचायत अध्यक्ष राजू कन्नौजिया को पुलिस कस्टडी में लेकर चोलापुर थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष अशोक सिंह यादव और डॉ. करन गौतम द्वारा भ्रामक मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने के मामले में परिवाद दर्ज करने का आदेश अदालत ने दिया है। यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने दिया है।
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ये है पूरा मामला
चोलापुर थाना क्षेत्र के कटारी गांव निवासी और मिर्जापुर के जिला पंचायत अध्यक्ष राजू कन्नौजिया ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। उसे अवर न्यायालय द्वारा निरस्त कर दिया गया था। इसके विरुद्ध पुनरीक्षण याचिका सत्र न्यायालय में दाखिल की गई थी। सुनवाई के बाद उसे स्वीकार कर लिया गया था।
सोमवार को दाखिल प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश दिया कि राजू कन्नौजिया के प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज किया जाए। साथ ही, पत्रावली संबंधित न्यायालय में बयान के लिए 23 मई 2025 को कोर्ट में पेश की जाए।
अधिवक्ता ने बताया कि निगरानीकर्ता राजू कन्नौजिया को थानाध्यक्ष चोलापुर पुलिस टीम द्वारा एक घटना में गिरफ्तार किया गया था। निगरानीकर्ता की गिरफ्तारी उनके घर से 30 अक्तूबर 2018 को की गई थी। थाने पर ले जाकर उन्हें मारा-पीटा गया था। गंभीर रूप से घायल अवस्था में 31 अक्तूबर 2018 को चालान कर दिया गया था।
निगरानीकर्ता की गिरफ्तारी के बाद थानाध्यक्ष चोलापुर द्वारा जो चोट पहुंचाई गई थी, उसका मेडिकल मुआयना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चोलापुर के डॉक्टर द्वारा किया गया था। चोलापुर थानाध्यक्ष के प्रभाव में आकर डॉक्टर ने निगरानीकर्ता के शरीर पर लगी चोटों के विवरण में शून्य लिख दिया था। जबकि, उनके पेट और हाथों में गंभीर चोटें लगी थीं।