Varanasi News: श्रीरामचरित मानस पर टिप्पणी करने पर स्वामी प्रसाद के खिलाफ कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने 22 जनवरी को टिप्पणी की थी।
एमपी/एमएलए कोर्ट ने बृहस्पतिवार को स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। 22 जनवरी को स्वामी प्रसाद मौर्य ने श्रीरामचरित मानस पर टिप्पणी की थी। कहा था कि तुलसीदास ने खुद की प्रसन्नता के लिए इसे लिखा है। इसे कोई नहीं पढ़ता है।
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इसके अलावा भी मानस पर अनर्गल टिप्पणी की थी। अधिवक्ता अशोक कुमार ने 24 जनवरी को एसीजेएम (प्रथम)/ एमपी/एमएलए कोर्ट में मुकदमा दर्ज करने के लिए याचिका दाखिल की थी। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने जिला जज वाराणसी के यहां आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दाखिल की।
जो स्थानांतरित होकर विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत में गई। जिस पर स्वामी प्रसाद मौर्य की तरफ से लिखित आपत्ति भी दाखिल की गई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनकर पत्रावली व साक्ष्य देखकर दोबारा पत्रावली विचारण न्यायालय को प्रेषित किया कि दोबारा सुनवाई कर कानून के अनुसार आदेश पारित करें। इसके बाद जज नीरज कुमार त्रिपाठी की अदालत ने स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।