मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की तो कोर्ट ने 19 जून 2013 को संज्ञान लिया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य से यह स्पष्ट होता है कि अभियुक्त के खिलाफ लगाए गए आरोप के तहत अपराध, दिन, समय, घटना और घटना किए जाने के तरीके को साबित करने में अभियोजन पूरी तरह से असफल रहा है। इसलिए अभियुक्त प्रो. शिशिर बसु सभी आरोपों से दोषमुक्त किए जाने योग्य है। जिसके बाद अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया।