समाज कार्य विभाग के आउटरीच निदेशक प्रो. संजय ने बताया कि बताया कि ट्रांसजेंडर विद्यार्थी सामाजिक भय व शोषण के डर से अपनी पहचान छिपा कर रखते हैं। वर्तमान में लगभग 15 ट्रांसजेंडर विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। सामाजिक न्याय पर काम करना चाहते हैं तो जेंडर न्याय सबसे बड़ा मुद्दा है। जब सामाजिक न्याय की बात आती है तो हम दलित और आदिवासी पर बात करते हैं, लेकिन ट्रांसजेंडर पर कोई बात नहीं होती है। सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए जेंडर न्याय बहुत जरूरी है।