कॉल डिटेल रिकॉर्ड, टावर लोकेशन और तकनीकी इनपुट से पकड़े गए तीनों
विकास सिंह तक पहुंचने के लिए एसआईटी ने सतर्कता दिखाई। टीम लगातार 45 दिनों तक, रोज 14 घंटे सर्विलांस पर एसआईटी उसे ट्रेस करती रहीं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, टावर लोकेशन और तकनीकी इनपुट खंगाले गए। सात दिन पहले उसका लॉस्ट लोकेशन सिद्धार्थनगर में मिला। एसआईटी की पूछताछ में उसके संपर्कों, फंडिंग और राजनीतिक कनेक्शन की जांच की गई।
आईपीएल बेटिंग में साथियों के साथ लगाई मोटी रकम
कफ सिरप के अवैध कारोबार से अर्जित करोड़ों की कमाई को आईपीएल सट्टेबाजी में लगाने का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार इस पूरे नेटवर्क का अहम किरदार विकास नरवे रहा है, जो पहले भी इसी मामले में जेल जा चुका है। कफ सिरप मामले में बांग्लादेश से नकद में व्यापार होता था। हवाला के तहत पैसा कोलकाता, झारखंड और बिहार के रास्ते बनारस पहुंचता था। महीने में दो बार शुभम से तीनों की मीटिंग होती थी।
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दुबई में बैठे शुभम को कुर्की का नहीं डर,करोड़ों रुपये संरक्षित करने की चिंता
दुबई में रह रहा शुभम फिलहाल भारत लौटने से बच रहा है। जांच कर रही टीम के अनुसार वह जानता है कि पुलिस की गिरफ्त में आते ही पूरे मामले की परतें खुल सकती हैं। शुभम करोड़ों रुपये की रकम को इधर-उधर खपाने में लगा हुआ है। वह विदेश में बैठकर अपने लोगों के साथ ये काम कर रहा है।