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Cough Syrup: एनडीपीएस मामला...भगोड़े शुभम के दुबई भागने की पुष्टि, गृह मंत्रालय की रिपोर्ट; कार्रवाई जारी

Tue, 07 Apr 2026 05:41 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी मामले में शुभम जायसवाल को भगोड़ा घोषित किया गया है। रोहनिया थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया। कोर्ट में विवेचक दिनेश कुमार त्रिपाठी ने बताया है कि गृह मंत्रालय ने शुभम जायसवाल के दुबई भागने की भी पुष्टि की है।
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अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना शुभम जायसवाल। - फोटो : संवाद
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Varanasi News: कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी से जुड़े एनडीपीएस मामले में फरार चल रहे आरोपी शुभम जायसवाल को न्यायालय ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। रोहनिया थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। वहीं, गृह मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि आरोपी देश छोड़कर दुबई फरार हो चुका है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

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अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट (14वां) ने प्रह्लाद घाट, कायस्थ टोला निवासी शुभम जायसवाल को उद्घोषित अपराधी घोषित करने का आदेश जारी किया। कोर्ट में विवेचक एसआई दिनेश कुमार त्रिपाठी ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका।

न्यायालय ने दिए थे निर्देश

विवेचक ने न्यायालय को अवगत कराया कि आरोपी के खिलाफ पहले ही 22 जनवरी 2026 को गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। इसके बाद 24 फरवरी 2026 को धारा 84 बीएनएसएस के तहत उद्घोषणा जारी कर उसे 30 मार्च 2026 तक न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। आदेश की प्रति आरोपी के घर पर चस्पा करने के साथ ही मुनादी भी कराई गई, बावजूद इसके आरोपी न्यायालय में पेश नहीं हुआ।

जांच के दौरान गृह मंत्रालय से प्राप्त जानकारी में सामने आया कि शुभम जायसवाल 5 नवंबर 2025 को कोलकाता एयरपोर्ट से संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर भाग गया। इस तथ्य के सामने आने के बाद न्यायालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए आरोपी को भगोड़ा घोषित करने का आदेश पारित किया।
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न्यायालय ने निर्देश दिया है कि उद्घोषणा की प्रति सार्वजनिक स्थानों, आरोपी के निवास स्थान और न्यायालय परिसर में चस्पा कराई जाए, ताकि उसकी जानकारी आमजन तक पहुंच सके। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता सुनील सिंह और अरविंद श्रीवास्तव ने पैरवी की। पुलिस अब आरोपी की गिरफ्तारी के लिए आगे की कानूनी प्रक्रिया, जैसे लुकआउट नोटिस और प्रत्यर्पण की कार्रवाई, पर भी विचार कर रही है।
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