विवेचक ने न्यायालय को अवगत कराया कि आरोपी के खिलाफ पहले ही 22 जनवरी 2026 को गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। इसके बाद 24 फरवरी 2026 को धारा 84 बीएनएसएस के तहत उद्घोषणा जारी कर उसे 30 मार्च 2026 तक न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। आदेश की प्रति आरोपी के घर पर चस्पा करने के साथ ही मुनादी भी कराई गई, बावजूद इसके आरोपी न्यायालय में पेश नहीं हुआ।
जांच के दौरान गृह मंत्रालय से प्राप्त जानकारी में सामने आया कि शुभम जायसवाल 5 नवंबर 2025 को कोलकाता एयरपोर्ट से संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर भाग गया। इस तथ्य के सामने आने के बाद न्यायालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए आरोपी को भगोड़ा घोषित करने का आदेश पारित किया।
न्यायालय ने निर्देश दिया है कि उद्घोषणा की प्रति सार्वजनिक स्थानों, आरोपी के निवास स्थान और न्यायालय परिसर में चस्पा कराई जाए, ताकि उसकी जानकारी आमजन तक पहुंच सके। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता सुनील सिंह और अरविंद श्रीवास्तव ने पैरवी की। पुलिस अब आरोपी की गिरफ्तारी के लिए आगे की कानूनी प्रक्रिया, जैसे लुकआउट नोटिस और प्रत्यर्पण की कार्रवाई, पर भी विचार कर रही है।