शहनाई सम्राट भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के मकबरे के निर्माण में गोलमाल किया गया है। दो साल पहले शुरू हुआ काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। मकबरे की छत टपक रही है। हैंडओवर होने से पहले ही फर्श उखड़ गई। सीढ़ियों के पत्थर टूट गए।
सोमवार को उस्ताद की 11वीं पुण्यतिथि पर नेताओं, अफसरों के वहां पहुंचने से एक दिन पहले कार्यदायी संस्था के जेई-ठेकेदार ने उखड़ी फर्श की आनन-फानन में मरम्मत कराई लेकिन कई जगह सीमेंट के घोल नहीं पड़ सके।
पुष्पांजलि अर्पित करने पहुंचे जिलाधिकारी ने परिवारीजनों की शिकायत पर मकबरा निर्माण में हुई गड़बड़ी की जांच के निर्देश दिए हैं। संस्कृति विभाग की देखरेख में उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के मकबरे का निर्माण कार्यदायी संस्था पैक्सफेड करा रही है।
29 लाख रुपये की लागत से नक्काशीदार पायों, सीढ़ियों और रेलिंग के साथ मकबरे का निर्माण कराया जाना था। कार्यदायी संस्था ने जून में ही काम पूरा कर लेने की संस्कृति विभाग को जानकारी दी थी और मकबरे का हस्तांतरण कराने की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए कहा था लेकिन काम अधूरा होने की शिकायत पर तकनीकी विशेषज्ञ से रिपोर्ट मांगी गई थी।
उस्ताद के पोते आफाक हैदर ने डीएम को बताया कि बारिश में कब्र पर पानी टपक रहा है। मानक के विपरीत काम होने की वजह से फर्श उखड़ गई है। ठेकेदार ने रविवार को सीमेंट-गिट्टी का घोल बनाकर टूटी हुई फर्श को ढकवाया लेकिन कई जगह गड्ढे नहीं भरे जा सके।
मामले में डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने कहा कि मकबरे के निर्माण में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले की जांच कराई जाएगी। साथ ही इसे हृदय योजना में भी शामिल कराया जाएगा, ताकि उस्ताद का मकबरा सुसज्जित हो सके।
क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र प्रमुख रत्नेश वर्मा ने कहा कि छत पर अभी शहनाई लगनी बाकी है। कुछ और काम बाकी हैं। इस वजह से बारिश में छत से पानी टपक रहा होगा। इस मामले की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।