फूलों से दुल्हन की तरह सजा धाम
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शिव बरात समिति के अध्यक्ष जगदंबा तुलस्यान ने बताया कि शोभायात्रा में चंद्रयान-3 , नारी शक्ति वंदन बिल और अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की झांकी दिखेगी। पारंपरिक तरीके से ढोल और बाजे गाजे के साथ शोभायात्रा निकाली जा रही है। शोभायात्रा में शहर की कई धार्मिक संस्थाएं भी शामिल हैं।
दुनिया भर के सनातनधर्मियों के आकर्षण का केंद्र बन चुके काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण की कहानी भी अनोखी है। 463 वर्षों के बाद बाबा विश्वनाथ के धाम ने मूर्त रूप लिया। बाबा विश्वनाथ के मंदिर के पुनरुद्धार, निर्माण और कायाकल्प में महाराणा रणजीत सिंह, टोडरमल और अहिल्याबाई के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संकल्पना ने मूर्त रूप लिया, जो आज श्री काशी विश्वनाथ धाम के रूप में दुनिया के सामने है।