महाकाल के दर्शन कराने के लिए यात्रियों को लेकर गुरुवार को इंदौर के लिए रवाना हुई कॉरपोरेट ट्रेन काशी महाकाल एक्सप्रेस की मजबूती की पोल खुल चुकी है। गुरुवार की देर रात यह कॉरपोरेट ट्रेन रिमझिम बारिश भी नहीं झेल पाई और पहली बारिश में ही ट्रेन के एक कोच की छत टपकने लगी जिससे बिस्तर सहित अन्य समान गीले हो गए।
काशी महाकाल एक्सप्रेस गुरुवार को दोपहर में लगभग पौने तीन बजे इंदौर के लिए रवाना हो गई। ट्रेन में बैठे यात्रियों की सुविधाओं आदि पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है, लेकिन जैसे ही ट्रेन देर रात जब कानपुर से रवाना हुई और लगभग साढ़े दस बजे झांसी और कानपुर के बीच में पोखरायन स्टेशन के पास पहुंची, तभी बारिश ने स्वागत तो किया, लेकिन इस कारपोरेट ट्रेन की मजबूती की भी पोल खोल दी। हुआ यूं कि रिमझिम बारिश से ट्रेन के कोच-बी 2 की छत टपकने लगी और बिस्तर सहित अन्य समान गीला हो गया।