वाराणसी। कोरोना वायरस से निपटने के लिए शुरू हुई जंग में अस्पतालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के अलावा भी ऐसे लोग हैं जो अपनी भागीदारी वार रूम में बैठकर दे रहे हैं। बिना छुट्टी लिए ऐसे लोग दिन रात इस जंग से निपटने की रणनीति बनाने में लगे हैं। अमर उजाला के कालम कोरोना के योद्धा में हम बात कर रहे है सीएमओ कार्यालय में तैनात विजय कुमार और संजय कुमार साहू की। शासन-प्रशासन से कोरोना से जुड़े मिलने वाले निर्देशों से अधिकारियों को अवगत कराने से लेकर डॉक्टरों-पैरामेडिकल स्टाफ की सूची तैयार करने सहित कई जिम्मेदारियों को दोनों बड़ी बखूबी निभा रहे हैं। उनका कहना है कि छुट्टी न मिल पाने का कोई मलाल नहीं, बस जल्द से जल्द कोरोना की जंग में कामयाबी का जो सपना देखा है उसे साकार होना देखना चाहते हैं।
ऑफिस और घर दोनों जगह बरत रहे सतर्कता
सीएमओ आफिस में कार्यरत विजय कुमार का कहना है कि पिछले डेढ़ महीने से शुरू कोरोना की जंग में दिन रात चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ के संपर्क में आने की वजह से सतर्कता अधिक बरत रहे हैं। ऑफिस से घर जाने के बाद खुद को बच्चों से दूर रख रहा हूं। जिससे कि किसी तरह की कोई संक्रमण का खतरा न रहे। दिनभर मरीजों की सुविधाओं के साथ ही डॉक्टरों की टीम की जरूरतों सहित शासन के हर निर्देशों का बारे में अधिकारियों को जानकारी पहुंचाना लगे हुए हैं। इस कार्य मे परिवार वालों का जितना सपोर्ट मिला है उससे काम करने में कभी किसी तरह की कोई थकान भी नहीं लगी।
मां ने बढ़ाया हौसला, उत्साह हुआ दोगुना
कोरोना की जंग में बन रही रणनीति में अहम भूमिका निभाने वाले संजय साहू का कहना है कि रोजाना घर से निकलने पर मां का आशीर्वाद लेकर निकलते हैं। मां रोजाना सतर्कता बरतने की सलाह देने के साथ ही हौसला बढ़ा रही हैं। रोजाना घर जाने के बाद पहले बाहर ही मास्क और सर्जिकल कैप फेंक देते हैं जिससे कि किसी तरह के कोई संक्रमण का खतरा न रह जाए। इसके बाद बीमार मां का हाल चाल पूछने के बाद अलग कमरे में खुद को क्वारंटीन कर लेते हैं। कोरोना की जंग में अधिकारियों और फिर घर वालों का जिस तरह से सपोर्ट मिल रहा है। उससे जीतने की लड़ाई में उत्साह दोगुना हो गया है।