राजेश ने बताया कि पहली बार 29 अगस्त, दूसरी बार 17 सितंबर और तीसरा प्लाज्मा डोनेशन बीएचयू अस्पताल में 14 अक्तूबर को करने के बाद 23 नवंबर को चौथी बार उन्होंने प्लाज्मा डोनेट किया। बताया कि बहुत कम ही मरीजों में ऐसा देखने को मिलता है कि कोरोना को मात देने के बाद 90 दिनों के बाद उनके शरीर में एंटीबॉडी रहे और वह दूसरों को प्लाज्मा डोनेट कर सकें। लोगों की उत्साह और प्रेरणा का ही बल है कि मरीजों को प्लाज्मा डोनेट करते आ रहे हैं और आजीवन करते रहेंगे।