उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में एक कोरोना वायरस के संदिग्ध को तीन घंटे बाद भी राजकीय महिला चिकित्सालय से बीएचयू ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने ई-रिक्शा के माध्यम से मरीज व उसके परिवार वालों को उपचार के लिए बीएचयू भिजवाया। लोगों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर काफी नाराजगी रही।
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चंदौली जिले के नियामताबाद ब्लॉक के बुधवार गांव निवासी चंद्रजीत श्रीवास्तव ने बताया कि उसकी बहन को खांसी व सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी। सोमवार की सुबह लगभग साढ़े सात बजे वह उसे उपचार के लिए राजकीय महिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे।
आरोप लगाया कि कई बार कहने के बाद एक घंटे बाद चिकित्सक आए और बिना किसी जांच के उन्होंने उसे बीएचयू के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद बीएचयू ले जाने के लिए उसने 108 नंबर एंबुलेंस को फोन किया।
कई बार फोन करने के बाद भी तीन घंटे तक कोई एंबुलेंस नहीं आई। इस दौरान उसकी बहन की तकलीफ बढ़ती जा रही थी। बाद में मौके पर पहुंचे कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शिवानंद मिश्रा ने ई-रिक्शा की मदद से मरीज व उसके परिवार को बीएचयू के लिए भेजा।