इसके बाद चितौरा गांव की तीन गांवों की सीमा को सील कर ग्रामीणों की स्क्रीनिंग कराई गई। टीम ने चितौरा गांव में 1678 लोगों की, ओदार में 34 21 और राजपुर में 5694 लोगों की स्क्रीनिंग की। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के निर्देशन में पहुंची टीम ने लोगों को जागरूक किया। जिलाधिकारी ने बताया कि गांव में सैनिटाइजेशन के साथ ही 6500 लोगों में पंफलेट बांटकर उन्हें कोरोना से बचाव के लिए जागरूक किया गया। इसके साथ ही गांव वालों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर रविवार को जनता कर्फ्यू के बाद से देश के 75 जिलों में लॉकडाउन कर दिया गया है। ये वह जिले हैं जहां कोरोना वायरस के मरीज मिले हैं। इसके साथ ही वाराणसी भी 23 मार्च से 25 तक लॉकडाउन(तालाबंदी) कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाम 5 बजे कोरोना की जंग में जी-जान से जुटे कर्मवीरों को सलामी देने के साथ ही प्रदेश के 15 जिलों में लॉकडाउन की घोषणा की थी।
यहां आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। लॉकडाउन में जिलेभर के लोगों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। उन्हें सिर्फ दवा और अनाज जैसी जरूरी चीजों के लिए ही बाहर आने की इजाजत मिलेगी। इस दौरान वे बैंक से पैसे निकालने भी जा सकते हैं। वाराणसी के इतिहास में पहली बार लॉक डाउन हुआ है। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में पर्चा काउंटर बंद दिया गया है।
जिला मजिस्ट्रेट कौशलराज शर्मा जारी आदेश में कहा गया है कि सरकारी और गैर सरकारी कार्यालय, सभी तरह के वाहन पूरी तरह से बंद रहेंगे। डेढ़ दर्जन कार्यालय खोले जाएंगे। इस दौरान सरकारी कार्यालय में आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह से बंद रहेगा। सब्जी, दूध और मेडिकल की दुकानें, पट्रोल पंप और एटीएम खुलेंगे। अन्य प्रतिष्ठान और फैक्ट्री बंद रहेंगे।