वाराणसी में कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के उद्देश्य से ही शासन, प्रशासन की ओर से अधिक से अधिक लोगों की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन बढ़ते खतरे के बाद भी जिले में कोरोना जांच की रफ्तार घटने लगी है। इसके पीछे स्वास्थ्य विभाग की ओर से उदासीनता और जांच के प्रति लोगों को जागरूक न होना मुख्य वजह मानी जा रही है।
एक दिसंबर से शुरू तीसरी लहर में अब तक मिले कुल 5194 मरीजों में केवल पांच से 16 जनवरी तक ही 4789 मरीज मिल चुके हैं। इसके बाद भी जांच की रफ्तार कम होती जा रही है। छह दिन पहले हर दिन अस्पताल, एयरपोर्ट, कैंट रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन सहित अन्य जगहों को मिलाकर सात हजार जांचें होती थीं लेकिन अब यह संख्या पांच हजार के नीचे तक आ गई है।
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने कहा कि अब संक्रमित मरीज के संपर्क में आने वालों की जांच नहीं की जा रही है। कोरोना जांच कम नहीं हुई है। कोरोना जैसे लक्षण आने पर लोगों से खुद भी स्टेटिक बूथ पर पहुंचकर जांच कराने की अपील की जा रही है। कैंट स्टेशन पर जांच में तेजी लाने और ऐहतियात बरतने के निर्देशित किया जाएगा।
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