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कोरोना के कम हो रहे मामले: वाराणसी में सामने आए 294 नए केस, 24 घंटे में सात मरीजों की मौत

Tue, 18 May 2021 11:46 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी

सार

स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंगलवार को होम आइसोलेशन में रहने वाले 706 लोगों को स्वास्थ्य घोषित किया गया जबकि 120 लोगों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। 
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मंडलीय चिकित्सालय में कोरोना जांच करते कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तो कम होती जा रही है लेकिन मरने वालों के आकड़ों में कमी नहीं हो रही है। सोमवार को पांच मरीजों की मौत के बाद मंगलवार को भी कोरोना से सात मरीजों की मौत हो गई।  धीरे-धीरे मौत का आंकड़ा बढ़कर 700 के पार हो गया। इस बीच मंगलवार को 294 नए मरीज मिले।

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स्वास्थ्य विभागकी ओर से मंगलवार को मिले 7053 सैंपल की रिपोर्ट में 294 मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसमें सेंट्रल जेल में 3, जाफराबाद में चार,काशीराम आवास में दो, बीएचयू में 16,सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में 2 मरीजों के साथ ही पर कैंसर अस्पताल में भी 10 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है।

इसके अलावा बीएलडब्ल्यू, पांडेयपुर  समेत अलग-अलग जगहों पर कोरोना मरीज मिले हैं। मंगलवार को  डीआरडीओ में भर्ती काशीपुर निवासी 46 वर्षीय पुरुष,गदरहा निवासी 45 वर्ष के पुरुष के साथ ही बीएचयू में भर्ती महमूरगंज निवासी 51 वर्षीय पुरुष, सामने घाट निवासी 35 वर्षीय पुरुष की मौत हुई है।  

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इसके अलावा अनंत हास्पिटल में शास्त्री नगर निवासी 59, ओरियाना में भर्ती भिखारीपुर निवासी 67 वर्षीय  पुरुष और ईएसआईसी में शिवपुर निवासी 65 वर्षीय पुरुष की मौत हुई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंगलवार को होम आइसोलेशन में रहने वाले 706 लोगों को स्वास्थ्य घोषित किया गया जबकि 120 लोगों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। इधर नए मरीजों के मिलने के बाद अब कुल 79611 मरीजो में 73528 डिस्चार्ज, 705 की मौत के बाद 5378 एक्टिव मरीज हैं।


 
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तीसरी लहर की अभी से शुरू हो गई तैयारी

 कोरोना के तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण होने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। बच्चों के इलाज में कोई परेशानी न आए, इसके लिए जहां एक ओर अस्पतालों में पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) और एनआईसीयू (न्यू नेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) में बेड का मूल्यांकन हो रहा है, वहीं अन्य सुविधाओं को भी बढ़ाने की तैयारी है।
जिले के सरकारी अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों के चिल्ड्रेन वार्ड में भी हर बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा मिले, इस दिशा में भी प्रयास शुरू हो गया है। 
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