फ्लैटेड फैक्ट्री में ग्राउंड फ्लोर पर रॉ मैटेरियल का गोदाम बनेगा। जहां इकाइयों के रॉ मैटेरियल रखे जाएंगे। वहीं इलेक्ट्रिकल पैनल रूम, प्रदर्शनी हॉल, कमर्शियल और छोटी दुकानें भी स्थापित होंगी। इसके बाद पहले और दूसरे फ्लोर पर एमएसएमई से जुड़ी फ्लेटेड फैक्टरी यूनिट्स लगेंगी। तीसरे फ्लोर पर प्रशासनिक खंड, बैंक, पोस्ट ऑफिस और कैफेटेरिया की सुविधा उपलब्ध होगी।
फैक्ट्री में ही उद्यमियों और कर्मचारियों के लिए अलग लिफ्ट बनेगी। वहीं गुड्स लोडिंग के लिए अलग व्यवस्था की जाएगी। इमारत के हर फ्लोर पर काम के हिसाब से स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। इसमें बनारसी साड़ी के लिए हैंडलूम व पावरलूम, रेडीमेड गारमेंट, इलेक्ट्रॉनिक-इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट, हैंडीक्राफ्ट, फैशन डिजाइन सहित अन्य उद्योगों को यहां संचालित किया जाएगा।
जमीन की किल्लत होगी समाप्त
पूर्वांचल के तीन प्रमुख इंडस्ट्रियल एरिया रामनगर, चांदपुर और करखियांव में नए उद्योगों को स्थापित करने के लिए जमीन की समस्या चल रही है। उद्योग विभाग में बड़ी संख्या में युवा उद्यमियों की फाइलें पेंडिंग हैं। ऐसे में फ्लैटेड फैक्ट्री बनने से नए उद्योगों को पंख लगने के साथ ही जमीन की किल्लत समाप्त होगी। फ्लैटेड फैक्टरी के तहत फ्लैटनुमा बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाता है। इससे पूर्वांचल के हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।
फ्लैटेड फैक्टरी की पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। वहां से आदेश मिलते ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। इसके बनने से जिले में उद्योगों को नए पंख लगेंगे। हजारों युवाओं को इसके माध्यम से रोजगार मिलेगा। - मोहन कुमार शर्मा, उपायुक्त, उद्योग विभाग।