लोको पायलट की समझदारी से ट्रेन हादसे का शिकार होने से बची। वजह सौ की स्पीड और इमरजेंसी ब्रेक लगाने के बाद भी ट्रेन के मेन ट्रांसफॉर्मर के आउटलेट पाइप का ड्रेन प्लग तक क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके चलते ट्रांसफॉर्मर आयल हैवी लीकेज होकर बह गया। हालांकि औड़िहार से दूसरा इंजन जाने के बाद ट्रेन को गाजीपुर सिटी स्टेशन ले जाया गया था।
संदिग्धों को उठाया, की पूछताछ
मामले की स्थानीय स्तर पर आरपीएफ, जीआरपी और सिविल पुलिस जांच कर रही है। घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। इस दौरान कुछ संदिग्ध लोगों को उठाकर पूछताछ की। एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि मामले जांच की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
रेलवे मंत्रालय ने भी घटना को लिया संज्ञान
एक सप्ताह में 20 कदम की दूरी पर दो घटनाओं को लेकर रेलवे मंत्रालय भी सख्त हो गया है। सूत्रों के मुताबिक रेलवे मंत्रालय ने भी घटना के बाबत जानकारी हासिल की है। साथ ही विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है। माना जा रहा है कि यदि इसी हिसाब से कार्रवाई चलती रही तो कुछ लोगों पर गाज भी गिर सकती है। हालांकि पूरे घटनाक्रम पर सभी जिम्मेदारों ने चुप्पी साध ली है।