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मौत के बाद दिया कंफर्मेशन लेटर: BHU में नर्सिंग अफसर जीते जी लगाता रहा कार्यालयों का चक्कर, अब मिला पत्र

Tue, 17 Sep 2024 07:43 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

बीएचयू में नर्सिंग ऑफिसर की मौत को लेकर अस्पताल में धरना प्रदर्शन जारी है। इस बीच मंगलवार को नर्सिंग अफसर खेम सिंह सैनी का कंफर्मेशन लेटर भी दे दिया गया, जिसके लिए वे जीते जी कार्यालयों का चक्कर काट रहे थे।
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खेम सिंह सैनी की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीएचयू सरसुंदरलाल अस्पताल में नर्सिंग अफसर खेम सिंह सैनी की मौत के बाद उनका शव तीन दिन से अस्पताल के मॉर्च्यूरी में पड़ा है। हड़ताल और धरना-प्रदर्शन के बाद बीएचयू प्रशासन ने नर्सिंग अफसर को दो साल पहले से नियमित करने का पत्र 17 सितंबर को जारी किया। पत्र में 18 जून 2022 से स्थायी करने का आदेश है। हालांकि अभी नर्सिंग अफसरों की हड़ताल जारी है और धरने पर माता-पिता के साथ ही पत्नी भी बैठी है।

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मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर थाना के गोपीनाथ निवासी धर्मेंद्र सिंह सैनी के बेटे खेम सिंह सैनी (32) अस्पताल में नर्सिंग आफिसर पद पर तैनात थे। बीएचयू अस्पताल के सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक के सीसीयू में डयूटी के दौरान 15 सितंबर की भोर में मौत के बाद उनका शव तीन घंटे तक बाथरूम में पड़ा रहा।

सोमवार की दोपहर से नर्सिंग अफसर हड़ताल पर हैं। इसमें डेढ़ साल के बेटे के साथ ही उनकी पत्नी रेशमा और माता-पिता भी धरने पर बैठे हैं। धरने पर बैठी पत्नी और अन्य नर्सिंग अफसरों ने बताया कि खेम सिंह सैनी तीन साल से स्थायीकरण के लिए चक्कर लगा रहे थे। ड्यूटी का पालन भी उनके साथ नहीं किया गया। बीएचयू अस्पताल प्रशासन की ओर से 17 बेड के सीसीयू में खेम सिंह सैनी की ड्यूटी अकेले लगाई गई थी।
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मांगों पर लिखित कार्रवाई पर अड़े हैं परिजन
बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर नर्सिंग अफसरों के साथ धरने पर बैठे खेम सिंह सैनी के परिजन (माता-पिता, भाई और पत्नी) बीएचयू अस्पताल प्रशासन की ओर से मांगों पर लिखित कार्रवाई न होने से नाराज हैं। उनका कहना है कि तीन दिन से चल रहे धरने के दौरान अस्पताल के एमएस बातचीत करने नहीं आए। लिखित रूप से मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई है। खेम सिंह सैनी की पत्नी रेशमा, भाई फूलचंद ने कहा कि मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ।


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जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद जारी हो सका आदेश

जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद नियमित करने का आदेश जारी हुआ। जिलाधिकारी एस राजलिंगम के निर्देश पर मंगलवार की दोपहर में एसीएम और शाम को एडीएम सिटी आलोक वर्मा बीएचयू इमरजेंसी पहुंचे। उन्होंने मृत नर्सिंग अफसर के परिजनों और नर्सिंग अफसर से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से बातचीत कर न्याय का भरोसा दिलाया। एडीएम सिटी ने आईएमएस बीएचयू के निदेशक से भी बातचीत की।

जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आदेश जारी किया। 17 सितंबर को जारी आदेश में 18 जून 2022 से स्थायी करने का जिक्र है। इसकी कॉपी बीएचयू अस्पताल के चिकित्साधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों को भी दी गई है।
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