मौके पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि गंगा नदी का बहाव उत्तर की दिशा में होने के कारण एप्रोच मार्ग पर काफी दबाव पड़ा, जिससे एप्रोच मार्ग टूट गया। अधिकारियों ने कहा कि लगभग पचास लाख की क्षति हुई है। सेतु बन कर तैयार हो गया था। एप्रोच मार्ग का निर्माण का कार्य पिछले डेढ़ वर्षों से हो रहा है।