दो शिक्षामित्रों के सहारे 123 नौनिहाल
शहर में बेसिक स्कूलों को पांच जोन में बांटा गया है। वरुणापार जोन के चार विद्यालय शिक्षा मित्रों के भरोसे पर चल रहे हैं। यहीं के प्राथमिक विद्यालय घौसाबाद प्रथम में 123 बच्चे नामांकित हैं और केवल दो शिक्षा मित्र पढ़ा रहे हैं। कोरोना काल के पहले तक इन शिक्षामित्रों को बच्चों के पढ़ाने के साथ मध्याह्न भोजन के लिए सब्जियां तक खुद ही खरीदना पड़ता था। एक शिक्षा मित्र कक्षा एक, दो व तीन के बच्चों को पढ़ाती है तो वहीं दूसरी चार व पांच को एक साथ पढ़ाती है। बच्चों को भी समझने में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
उदासीनता से प्रभावित हो रही पढ़ाई
आदमपुर जोन में प्राथमिक विद्यालय छित्तनपुरा में एक शिक्षामित्र के सहारे 82 नौनिहाल पढ़ाई कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के किसी स्कूल में 10-17 शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे हैं। नगर क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की संख्या को लेकर उदासीनता से पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। आदमपुर जोन की तरह दशाश्वमेध जोन के प्राथमिक विद्यालय में भी यही स्थिति है।
बीएसए राकेश सिंह बताया कि शहरी क्षेत्र में शिक्षकों की कमी पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही शासन से निर्देश मिलते ही शिक्षकों की कमी पूरी कर ली जाएगी।