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वाराणसी: छुट्टा पशुओं के लिए बने कंट्रोल रूम में आई आवारा कुत्तों की शिकायत, पहले दिन 100 से अधिक फोन

Fri, 11 Feb 2022 11:05 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

छुट्टा पशुओं को आश्रय स्थलों तक पहुंचाने के लिए वाराणसी में कंट्रोल रूम शुरू किया गया है। 8765957939 पर कॉल करके या कार्यालय में पहुंचकर इस संबंध में सूचना दी जा सकती है। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करेगा।
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छुट्टा पशुओं के लिए वाराणसी में कंट्रोल रूम बना - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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फसलों को बर्बाद करने वाले छुट्टा पशुओं की शिकायत के लिए विकास भवन में बनाए गए कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर पर गुरुवार को 100 से अधिक शिकायतें आईं। इसमें ज्यादातर शिकायतें छुट्टा पशुओं को लेकर रहीं, जबकि कई शिकायतें आवारा कुत्तों और सूअर की भी आईं। जिसे नगर निगम को स्थानांतरित किया गया।  

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पशु चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. बीपी पाठक ने बताया कि कंट्रोल रूम में पहले दिन 8765957939 मोबाइल नंबर पर देर रात तक 100 से अधिक शिकायतें मिलीं। इसके निस्तारण के लिए संबंधित वीडीओ और क्षेत्रीय पशु चिकित्सा अधिकारी को सूचित कर दिया गया।

इसके अलावा रामनगर और भेलूपुर क्षेत्र से कुल 08 निराश्रित गोवशों को पकड़कर गो आश्रयों में पहुंचाया गया। कई शिकायतें सिगरा क्षेत्र से आई। एक शिकायतकर्ता अजय ने आवारा कुत्तों से हो रही परेशानी बताई। इसे नगर निगम को स्थानांतरित कर दिया गया। इसके अलावा नीलगाय, सूअर की भी शिकायतें मिली। 

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121 पशु आश्रय स्थलों में हैं 10 हजार से ज्यादा गोवंश

पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 121 पशु आश्रय स्थल हैं। इसमें 10 हजार से ज्यादा गोवंश हैं। कंट्रोल रूम में आने वाली शिकायतों के बाद इनकी संख्या बढ़ने पर और गो आश्रयों के लिए प्रशासन को पत्र लिखा जाएगा। 
 
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अमर उजाला की खबर पर टूटी प्रशासन की नींद

जिले में छुट्टा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। किसान की फसलों को छुट्टा पशु नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे परेशान होकर कई किसानों ने खेती करना छोड़ दिया। किसानों की समस्या को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में कंट्रोल और समन्यवक तैनात किए गए, लेकिन वाराणसी में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। इसकी खबर छह फरवरी को अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित की गई। इसके तीन बाद प्रशासन की नींद टूटी। बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल ने छुट्टा पशुओं को गो आश्रय में संरक्षित कराए जाने के लिए विकास भवन में कंट्रोल रूम की स्थापना की है। 
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