भीष्म द्वादशी पर्व माघ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को किया जाता है। ये व्रत भीष्म पितामह के निमित्त किया जाता है। इस दिन महाभारत के भीष्म पर्व का पाठ किया जाता है। साथ ही भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है। पितरों की शांति के लिए इस दिन नदी-तालाब या घर में भी तर्पण कर सकते हैं। पितरों के निमित्त इस दिन ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को दान करना श्रेष्ठ रहेगा।
तिल द्वादशी
माघ महीने की द्वादशी तिथि को तिल द्वादशी व्रत किया जाता है। इसका जिक्र पद्म, स्कंद और नारद पुराण में किया गया है। माघ महीने की द्वादशी तिथि पर भगवान विष्णु की तिल से पूजा की जाती है और तिल का ही दान किया जाता है। पुराणों के मुताबिक ऐसा करने से अश्वमेध यज्ञ करने जितना पुण्य मिलता है।