सीएम ने कहा कि आपदा राहत शिविरों में बच्चों को दूध और फल के साथ अनाज, बाल्टी, मग, बिस्किट, नमक, तौलिया, तेल समेत 26 प्रकार की सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि डूबी फसल के किसानों को मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं। मकान गिरने, आकाशीय बिजली और सर्पदंश जैसी घटनाओं को भी आपदा में शामिल किया गया है। प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। बेघर परिवारों को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ देने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले के 16 वार्डों में 567 परिवार बाढ़ से प्रभावित हैं और 48 नावों के जरिए राहत एवं बचाव कार्य चल रहा है। चिकित्सा सुविधा के लिए आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 1131 किसानों की फसल क्षतिग्रस्त हुई है। पानी उतरने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में उचित छिड़काव कराया जाएगा, ताकि बीमारियां न फैलें
सीएम योगी पहुंचे विद्या विहार इंटर कालेज में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर में।
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उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में प्रभावित लोग खुद को अकेला न समझें। पूरी सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने काशी में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ धाम, घाट, रेलवे और बस स्टेशन, एयरपोर्ट, सड़क चौड़ीकरण और रिंग रोड से काशी को नया स्वरूप मिला है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी जग्गू राम मौर्य की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने राहत शिविर का स्थलीय निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत कर उनकी पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली।
कार्यक्रम में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल, डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, हंसराज विश्वकर्मा समेत जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।