पीडीए के नारे पर साधा निशाना
सुभासपा अध्यक्ष ने समाजवादी पार्टी के पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) के नारे को राजनीतिक भ्रम पैदा करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि ओबीसी आरक्षण के वर्गीकरण और रोहिणी आयोग की रिपोर्ट लागू कराने जैसे मुद्दों पर सपा आज भी मौन है। राजभर ने भविष्यवाणी की कि 2017 और 2022 की तरह सपा 2027 के विधानसभा चुनाव में भी हार का सामना करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के कुछ सलाहकार उसे सही दिशा देने के बजाय भटका रहे हैं।
मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी
कैबिनेट मंत्री ने अपने विभाग के कामकाज को लेकर अधिकारियों को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि प्रमुख सचिव या निदेशक स्तर के अधिकारी यदि सरकारी योजनाओं को लागू करने में लापरवाही या हीलाहवाली करते हैं, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजभर ने बताया कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लिखित शिकायत की गई है, ताकि योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे और जनता को कोई परेशानी न हो।
बसपा सुप्रीमो मायावती पर की टिप्पणी
बसपा प्रमुख मायावती की राजनीतिक सक्रियता पर पूछे गए सवाल पर राजभर ने कहा कि शेर जब खामोश होता है तो वह शिकार की तैयारी में होता है। बसपा के पास अपना मजबूत कैडर वोट बैंक है और चुनाव में उसे कम आंकना किसी भी दल के लिए बड़ी भूल साबित हो सकता है।