सीएम ने कहा कि काशी प्रदेश के विकास की धुरी है और यहां के विजन को अब देश और दुनिया भी हाथों हाथ लेती है। उन्होंने कोरोना काल की चुनौतियों का जिक्र किया और कहा कि हर मुश्किल में सरकार ने जनहित को सर्वोपरि रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारें 1947 से चल रही हैं मगर, उनका एजेंडा तय नहीं हो पाता था। उत्तर प्रदेश में प्रयागराज कुंभ का सनातन परंपरा के अनुसार आयोजन और काशी में प्रवासी भारतीय सम्मेलन ने हमारी मंशा को जाहिर किया। सरकार की नीयत से ही उसकी भावी योजनाओं का पता लगता है।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 1916 में महात्मा गांधी की काशी यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय बापू ने काशी विश्वनाथ में व्याप्त गंदगी और अव्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा था कि यहां कैसे हिंदू रहते हैं। महात्मा गांधी के नाम पर सत्ता हासिल करने वालों की लंबी सूची है, मगर उनके विजन पर चलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही भव्य काशी विश्वनाथ धाम का सपना साकार किया। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ की तरह मां विंध्यवासिनी का भी भव्य मंदिर निर्माण कराया जा रहा है। अयोध्या और ब्रज में भी काशी के विजन को लागू किया जा रहा है।