बदलते बनारस के अंदाज से दुनिया को लुभा रही वाराणसी में सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। स्वच्छता का संदेश देने वाले महात्मा गांधी की जयंती से पहले भी शहर में सफाई को लेकर अभियान नहीं चलाया गया। यही कारण है कि शहर में जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा हुआ है। बारिश होने से स्थिति और खराब हो गई है। सड़कों, गलियों ओर कूड़ाघरों के बाहर कूड़ा बजबजाने लगा है। इससे उठने वाली दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। यह हाल तब है जब गांधी जयंती पर नगर निगम की ओर से विविध आयोजन करने की तैयारी है।
गांधी जयंती पर नगर निगम में गांधी-शास्त्री को पुष्प अर्पित करने के बाद मलदहिया से काशी विद्यापीठ तक पैदल यात्रा निकाली जाएगी। पदयात्रा के माध्यम से सफाई का संदेश दिया जाएगा मगर शहर की सफाई व्यवस्था नहीं सुधर रही है। वहीं शहर को साफ सुथरा रखने के लिए नगर निगम के नियमित सफाई कर्मियों के साथ ही संविदा पर सफाई करने वालों की संख्या तीन हजार से अधिक है। इसके बाद भी सफाई के मुकम्मल इंतजाम नहीं है।
बारिश से फैला कीचड़, चलना मुश्किल
मौसम में आए बदलाव के बाद शुक्रवार को दिनभर हुई रुक रुककर बारिश से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। अंधरापुल, तेलियाबाग, लहरतारा और नई सड़क के इलाकों में कुछ देर के लिए जलभराव की स्थिति हो गई। वहीं दिनभर हुई बारिश से सड़कों पर कीचड़ फैल गया। जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। अंधरापुल के पास रोडवेज से कचहरी और चौकाघाट जाने वाली सर्विस रोड के खराब होने से कई लोग फिसलकर गिर गए। यही हाल हुकुलगंज से चौकाघाट मार्ग, पहड़िया से बेला मार्ग, पांडेयपुर चौराहे से पुलिस लाइन, बड़ालालपुर मार्ग, सुसुवाहीं, बजरडीहा के इलाकों में लोगों को आने जाने में काफी दिक्कत हुई।