अस्पतालों में पूरे संसाधनों का दावा हकीकत से दूर
-कोविड हॉस्पिटल के बाहर बेड न होने का नोटिस चस्पा, अन्य गंभीर बीमारियों वाले मरीजों को भी बेड नसीब नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन का दावा है कि अस्पतालों में पर्याप्त बेड, ऑक्सीजन की भी सुविधा है, लेकिन हकीकत इससे दूर है। न ही कोरोना मरीजों को अस्पतालों में बेड मिल पा रहा है और न ही ऑक्सीजन। अब तो कोविड हास्पिटल के बाहर बेड न होने का नोटिस भी चस्पा हो गई है। कोरोना मरीजों की बात तो दूर अन्य बीमारियों के मरीजो की तबियत बिगड़ने पर भी बेड नहीं मिल रहा है। आलम ये है कि कोई घर की चार पहिया में तो कोई एंबुलेंस में लेकर मरीजों को पड़ा है। कहीं से बेड नहीं मिल रहा है। इस वजह से भागदौड़ कर रहे हैं। रविवार को दीनदयाल अस्पताल के बाहर भी लोग बेड के इंतजार में खड़े रहे। बेड के लिए कंट्रोंल रूम से लेकर सीएमओ आफिस तक फोन की घंटी बजती रही। हर कोई ऑक्सीजन से लेकर वेंटिलेटर की गुहार लगाता रहा। ये चार केस भी मात्र बानगी भर हैं। ऐसे कई लोग और भी हैं। बता दें कि जिले में कोरोना के सरकारी और निजी अस्पताल मिलाकर 40 कोविड हास्पिटल हैं। इसमे 1860 बेड हैं।
केस 1
दीनदयाल अस्पताल में भर्ती कराने के लिए एक मरीज के परिजन लेकर आए, लेकिन यहां आक्सीजन न होने की वजह से बेड नहीं मिला। बेटा ऑटो में लेकर खड़ा रहा, लेकिन भर्ती नहीं हो सका।
केस दो
मदनपुरा निवासी 62 वर्षीय मरीज की 17 अप्रैल को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। कंट्रोल रूम में फोन किया तो बेड न होने की जानकारी मिली। रामकृष्ण मिशन में बेड होने की जानकारी मिली तो भी भर्ती नही हों सके।
केस 3
चित्रगुप्त नगर कालोनी निवासी 38 वर्षीय मरीज को सांस लेने में परेशानी हैं। 14 अप्रैल को जांच कराने के बाद रिपोर्ट तो नहीं आई, लेकिन तबीयत बिगड़ती जा रही है। कई अस्पतालों में बात की, लेकिन बेड नहीं मिल रहा।
केस-4
मंडुआडीह निवासी 32 वर्षीय युवक की कोरोना रिपोर्ट 16 अप्रैल को पॉजिटिव आई है। बड़े भाई ने बताया कि कंट्रोल रूम में फोन कर रहे हैं। यहां से बेड न होने की जानकारी दी गई है। फिलहाल घर पर ही इलाज चल रहा है।
कोविड हास्पिटल में बेड की संख्या बढ़ाने के साथ ही वहां ऑक्सीजन सिस्टम के साथ ही वेंटिलेटर वाले हास्पिटल को प्रमुखता दी जा रही है। जरूरत के हिसाब से अस्पतालों में ऑक्सीजन की व्यवस्था भी कराई जा रही है, जिससे कि लोगों को बेड और ऑक्सीजन दोनों मिल सके।-डॉ वीबी सिंह,सीएमओ