बेनियाबाग इलाके में पंफलेट बांटते चौक इंस्पेक्टर आशुतोष
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पर्चों में बताया गया है कि सीएए और एनआरसी को लेकर कौन-कौन सी अफवाहें हैं। साथ ही नागरिकता काननू के बारे में विस्तार से बताया गया है। सीएए को लेकर पहली अफवाह उड़ रही है कि इसके द्वारा भारतीय मुस्लिमों की नागरिकता छीन ली जाएगी।
जबकि सच्चाई ये है कि इस एक्ट का भारतीय नागरिक से कोई संबंध नहीं है। नागरिकता काननू द्वारा पड़ोसी देशों(पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान) में धार्मिक आधार पर किया गया, जिसकी वजह से वो अपना देश छोड़कर शरणार्थी बनकर आ गए। ऐसे लोगों को भारती की नागरिकता देने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।
इस संशोधन के अलावा पूरी दुनियां के सबी लोग अगर 11 साल से ज्यादा भारत में वैध कागजात जैसे, वीजा के माध्यम से रह रहे हैं। वो यहां के नागरिक बनने के पात्र होंगे। यह कानून अभी भी मौजूद है। और कई देशों के मुस्लिम भाई-बहन इस काननू के अंतर्गत भारत के नागरिक बन सकते हैं।