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Chitragupta Puja: 90 घंटे कलम-दवात से दूरी, भगवान चित्रगुप्त के पूजन के बाद हुई खत्म; जयघोष

Fri, 24 Oct 2025 05:10 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

भगवान चित्रगुप्त को लेकर कायस्थ समाज के लोगों ने वृहद शोभायात्रा भी निकली। काशी के प्रमुख मार्गों पर चित्रगुप्त के जयकारे लगते रहे। विभिन्न स्थानों पर भी पूजन-अनुष्ठान के आयोजन हुआ।
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में हुई पूजा। - फोटो : अमर उजाला
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Varanasi News: 90 घंटे तक कलम-दवात से दूर रहने के बाद भगवान चित्रगुप्त की पूजा हुई। पूजन के बाद कायस्थ समाज के लोगों ने कलम-दवात उठाया। इसके साथ ही भगवान चित्रगुप्त महाराज की शोभायात्रा एवं महापूजनोत्सव का आयोजन किया गया। भगवान के पूजन के लिए आए हजारों की संख्या में भक्तों के जय चित्रगुप्त भगवान... के जयघोष से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा।  

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अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की ओर से भगवान श्री चित्रगुप्त महाराज की शोभायात्रा का आयोजन हुआ। सायंकाल चार बजे संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के सामने से वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखनाद, ढोल-नगाड़े और भक्ति गीतों की धुन के बीच भगवान चित्रगुप्त महाराज के पूजन एवं आरती के साथ शोभायात्रा निकली। 

कार्यक्रम का शुभारंभ संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, ज्योतिषाचार्य प्रो. चंद्रमौली उपाध्याय, महासभा के राष्ट्रीय संरक्षक महेश चंद श्रीवास्तव ने किया। आरती - पूजन के उपरांत, सुसज्जित रथों, आकर्षक झांकियों, भजन-कीर्तन दलों, बैंड-बाजों और रंग-बिरंगे ध्वज के साथ शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया। 

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शोभायात्रा में लगे जयकारे

डाॅ. संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से प्रारंभ होकर शोभा यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों रामकटोरा, पिपलानी कटरा तिराहा, लहुराबीर होते हुए पुनः डाॅ. सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के दक्षिणी गेट पर संपन्न हुई। कार्यक्रम स्थल को फूलों, दीपों और रंगोलियों से सजाया गया था। मार्ग भर में श्रद्धालु एवं नगरवासी शोभा यात्रा का स्वागत करते रहे। अनेक स्थानों पर पुष्पवर्षा के माध्यम से लोगों ने भगवान चित्रगुप्त जी की झांकी का अभिनंदन किया। 

शोभा यात्रा में भगवान चित्रगुप्त जी की सुसज्जित झांकी के साथ-साथ शंकर-पार्वती जी, ब्रह्मा जी, सरस्वती जी, राधा-कृष्ण जी कि झांकियों ने सभी का मन मोह लिया। भक्ति संगीत, नृत्य और पारंपरिक परिधानों में सजे श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की। इस दौरान विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, अनिल श्रीवास्तव, रीबू श्रीवास्तव, अनूप श्रीवास्तव, डाॅ. मुकेश श्रीवास्तव, अंजू श्रीवास्तव उपस्थित रहे।  

चित्रगुप्त मंदिर में हुआ पूजन
पाप पुण्य के लेखा जोखा रखने वाले धर्मराज भगवान चित्रगुप्त की जयंती रघुनाथ नगर महमूरगंज स्थित प्राचीन श्री राम जानकी मंदिर में मनाई गई। इस अवसर पर मंदिर प्रांगण में स्थापित भगवान श्री गणेश, श्री लक्ष्मी नारायण, श्री राम दरबार, संकटमोचन बाबा, माता दुर्गा, माता गौरा पार्वती, श्री राधाकृष्ण, श्री गरुण भगवान, श्री कार्तिकेय भगवान, माता अन्नपूर्णा, नर्मदेश्वर भगवान को माला फूल से शृंगार कर मंदिर परिसर को एवं रंग बिरंगे झालरों से सजाया गया था। 

भगवान श्री चित्रगुप्त के पूजन के साथ-साथ विश्व कल्याणार्थ महायज्ञ पंडित पवन तिवारी ने किया। इस अवसर पर शशिकांत श्रीवास्तव, दीपेंद्र कुमार श्रीवास्तव, राजेश कुमार श्रीवास्तव, संजय कुमार श्रीवास्तव, प्रदीप वर्मा शामिल रहे। इसके पश्चात चकाचौंध ज्ञानपुरी, पूनम श्रीवास्तव ने हास्य-व्यंग्य कविताएं पढ़कर भक्तों का मन मोह लिया। 

सामाजिक समरसता का दिया संदेश
चित्रगुप्त जयंती पर काशी कुष्ठ सेवा संघ आश्रम में नवनिर्मित श्री चित्रगुप्त मंदिर पर सामूहिक कलम-दवात पूजानोत्सव का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ज्ञान, कर्म और सामाजिक सद्भाव की भावना को समर्पित था। कलम दवात पूजन के जरिए सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चित्रकूट महासमिति के अध्यक्ष मोहनलाल श्रीवास्तव ने की। मुख्य अतिथि विशाल भारत संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजीव श्री गुरु और विशिष्ट अतिथि एसीपी सारनाथ विदुश सक्सेना रहे। 
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सनातन धर्म के स्वरूप हैं भगवान चित्रगुप्त
मुख्य अतिथि महेश चंद श्रीवास्तव ने कहा कि यह आज हम सबका सौभाग्य है कि भगवान चित्रगुप्त की पूजा कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। भगवान चित्रगुप्त न्यायब्रह्म हैं, पुण्य और पाप के निष्पक्ष विचारक ही नहीं, फल निश्चित करने वाले शक्तिमान परमेश्वर हैं, वे सनातन धर्म के स्वरूप हैं। हमारे कर्मों का लेखा जोखा केवल एक पौराणिक इकाई नहीं है, बल्कि एक गहन आदर्श है जो मानवीय अनुभव के साथ प्रतिध्वनित होता है। मैं आयोजन समिति को साधुवाद देता हूं कि उन्होंने भगवान चित्रगुप्त जी की इस परंपरा को इतने अनुशासित, भव्य और भक्तिपूर्ण ढंग से आयोजन किया है।
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