पास में ही स्थित कुटी पर लोग महाशिवरात्रि की पूजा अर्चना कर रहे थे। कुछ लोगों ने बच्चे को गड्ढे में गिरते देखा और तत्काल मौके पर पहुंच कर गड्ढे से बच्चे को निकालने की कवायद शुरू कर दी। जब तक बच्चे को पानी भरे गड्ढे से बाहर निकाला जाता, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बच्चे का शव पानी भरे गड्ढे से निकलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक चार भाई व दो बहनों में तीसरे स्थान पर था। सिक्सलेन के लिए मिट्टी के इंतजाम के तहत जगह-जगह मानक की अनदेखी कर मिट्टी की खोदाई से ग्रामीण आक्रोशित हैं और जांच कर कार्रवाई की मांग कर रहे है। इसके पूर्व भी देवरिया खालसा गांव में ऐसे ही पानी भरे गड्ढे में डूब कर एक रेलवे कर्मचारी की भी मौत हो चुकी है।