इसके खिलाफ पिछले तीन सप्ताह से बुनकर मुर्री बंद कर हड़ताल कर रहे हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने न तो बुनकरों से कोई संवाद किया और न ही उनके समस्याओं पर एक शब्द बोला। इससे लाखों बुनकरों में घोर निराशा है। महामारी की मार झेल रहे बुनकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है।